のぬふ

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2005-07-07

[]「溺レる」 川上弘美

人が面白いって言ってるもの読んでみようってことで、初川上さん。この本は短編集で、全体的にある程度年を重ねた男女の色恋というか愛欲の話。アイヨクか。登場人物の表記が全てカタカナで統一されていたり、言葉の紡ぎ方に独特のものがあるので一瞬戸惑ったものの、これはなんというかそういった独特の雰囲気を読む小説なのだな…そのための手法なのか…ということに気がついた。

話自体がリアルなものなのかどうかは俺にはよくわかんないんですけども、淡々としてる分余計に生々しいというか。淡々としてるのに読んでいるといきなり自分の感情的な部分を揺さぶられたりする。

知り合いで画材屋を営んでる人が言ってたんですが、写実的な絵をいくら描いてもそれは芸術というか、絵描きとしては基本的に間違った方向性であるのです、みたいなことを言っていたのをこの小説を読んでなんとなく思い出したりした。その画材屋の言葉が全面的に正しいのかどうか知らんけど、こういう独自の手法というか独特の表現をすることでしか見えてこない物というのも確実に存在するというか、リアルな小説とは違ったアプローチでものすごくリアルなものを表現しているというか。上手くまとまらないけどそんなことを感じた。

あとサラッと変態っぽい描写をしてくるので、その度に面食らったりしたけど面白かったです。

溺レる (文春文庫)

溺レる (文春文庫)

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